फिर से फ़रिश्ता हो जाऊं
माँ से इस तरह लिपट जाऊं
की बच्चा हो जाऊं !!
मै एक छोटा बच्चा था
तेरी उंगली थाम के चलता था
तू दूर नज़र से होती थी
मै आंसू आंसू रोता था !!
की बच्चा हो जाऊं !!
मै एक छोटा बच्चा था
तेरी उंगली थाम के चलता था
तू दूर नज़र से होती थी
मै आंसू आंसू रोता था !!
एक ख्वाब का रौशन बस्ता
तू रोज मुझे पहनाती थी
जब डरता था मै रातों में
तू अपने साथ सुलाती थी !!
माँ तूने कितने वर्षों तक
इस फूल को सींचा हाथों से
जीवन के गहरे भेदों को
मै समझा तेरी बातों से !!
मै तेरे हाथ की तकिये पर
अब भी रात को सोता हूँ
माँ मै छोटा सा एक बच्चा
तेरी याद में अब भी रोता हूँ !!
तू रोज मुझे पहनाती थी
जब डरता था मै रातों में
तू अपने साथ सुलाती थी !!
माँ तूने कितने वर्षों तक
इस फूल को सींचा हाथों से
जीवन के गहरे भेदों को
मै समझा तेरी बातों से !!
मै तेरे हाथ की तकिये पर
अब भी रात को सोता हूँ
माँ मै छोटा सा एक बच्चा
तेरी याद में अब भी रोता हूँ !!
सौजन्य "निदा फ़ाज़ली"
http://www.facebook.com/myth.vikas
